Wednesday, November 5, 2008

बहुत दिनो से कुछ नया लिखने का मन हो रहा था पर परेशानी की बात ये है की किस विषय पर लिखा जाए ,
आज कल देश मैं इतना कुछ हो रहा है की आखिर किस बारे मैं लिखु सोचता रहता हू ,आज देश का कोई भाग
ऐसा नही है जहा सब कुछ शांतिमय चल रहा हो ,आज की परिस्थितियों को देखकर मुझे शमा जी की ये पंक्तियाँ
याद आती हैं , क्या मर गए सब इन्सान?
बच गए सिर्फ
हिंदू या मुसलमान?