Tuesday, October 21, 2008

आतंकवाद क्या ?


आज के समय में आतंकवाद एक ऐसा विषय है जिसके बारे मैं चर्चा आम हो गई है, आज इस देश में हर कोने पर इसका नाम है और हर कोई इसके बारे में बात करता है, हम चाहे किसी धर्म से हो, या किसी जाति विशेष से, प्रभावित हर कोई है, पर प्रश्न यह उठता है कि आख़िर आतंकवाद से मिलता क्या है ? या तो केवल कुछ लोग अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए इस तरह की गतिविधियों मैं लिप्त रहते हैं, या देश की शान्ति व्यवस्था को छिन्न भिन्न करने के उद्देश्य से ऐसे काम किए जाते हैं. जहाँ तक आतंकवाद का प्रश्न हैं इसको किसी संप्रदाय विशेष से जोड़ना ग़लत है क्योकि अगर ये किसी संप्रदाय के कारण होता तो जरुर इसका कोई न कोई समाधान होता, पर इस समस्या का आज तक कोई समाधान नही निकला, तब ये भी कहा जा सकता है कि ये स्वार्थ सिद्धि है जिसके कारण लोग इस तरह के काम करते हैं, मैं इस जगह आप सबका ध्यान महाराष्ट्र कि तरफ़ ले जाना चाहता हूँ, जहा तक मुझे लगता है कि महाराष्ट्र मैं जो कुछ हो रहा है वो भी तो एक प्रकार का आतंकवाद ही तो है, कुछ बड़े लोग, नाम न लेकर कहना चाहूगा कि केवल अपने स्वार्थ के लिए राजनीति कर रहे हैं और वो राजनीति किसी आतंकवाद से कम है क्या? आज हमारे देश मैं जहा सभी धर्मो को , जातियों को बराबर का हक मिला हुआ है, वहां किसी प्रदेश को इस देश से अलग समझना कहा कि राजनीति है? और सबसे बड़ी बात वहां रहने वाले लोगो को जिस तरह से प्रताडित किया जा रहा है वह आतंकवाद नही तो और क्या है? इसे कोई और नाम देना मुझे समझ नहीं आता, आज अगर पूरा देश आतंकवाद को हटाने के लिए सोच रहा है तो क्या हम महाराष्ट्र मैं हो रहे आतंकवाद को हटाने के लिए बात नही कर सकते जबकि इसका सीधा सम्बन्ध किसी संप्रदाय विशेष से नही है।
बस बात यही से शुरू होती है कि आख़िर हम चुप क्यो हैं? क्या हम मिलकर आवाज नही उठा सकते उन लोगो के खिलाफ जो हमारे देश को, प्रदेशो या बोली जाने वाली भाषा के आधार पर विभाजित करना चाहते हैं, जैसा कि मैंने पहले कहा कि आतंकवाद का एक अर्थ देश की शान्ति व्यवस्था को छिन्न भिन्न करना है तो क्या महाराष्ट्र मैं जो कुछ भी हो रहा है उससे देश की शान्ति व्यवस्था भंग नही होती क्या? तब तो हम इसको भी आतंकवाद के श्रेणी मैं रख सकते हैं, और अगर ये भी आतंकवाद है तो इसके खिलाफ वही ठोस कदम क्यो नही उठाये जा रहे जो आतंकवाद फैलाने वालो के खिलाफ उठाये जाते हैं, आज महाराष्ट्र मैं खुले आम उत्तर भारतियों को परेशान किया जा रहा है जो हमारे देश की अखंडता और प्रभुसत्ता के लिए खतरनाक है, आज मैं अपने देश के सम्मानीय नागरिकों से कहना चाहता हूँ की आप सब इस विषय पर जरुर समय दे ताकि ये बात आम जनता तक पहुच सके की आतंकवाद वो नही जो हमें बताया गया है बल्कि आतंकवाद वो है जो हमें परेशान करता है शान्ति से जीवन व्यतीत करने से ......................

आशा करता हूँ की जो भी मैंने लिखा है वो आप सबको सही लगेगा और आप सब मुझे सहयोग प्रदान करते रहेगे ।
धन्यवाद